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Thursday, September 23, 2010

कभी तो पूछो हाल हमारा.............


कभी तो पूछो हाल हमारा,
कभी तो हंस कर बातें कर लो!
माना हम,नहीं प्यार के काबिल
रंगीं इक सौगात तो कर लो!
कभी तो पूछो हाल हमारा......

खातें रहें हैं, कसमे तुम्हारी 
दिन हो खाली,या रातें भारी
तिरछी चितवन,हम पर डालो 
दे दो इक रुमाल ही प्यारा
कभी तो पूछो हाल हमारा.........

आओ भींगें, रिमझिम बूंदों मे 
मन,तन औ जीवन हर्षाएं 
एक-दूजे के साथी होकर
बुनें एक प्यारा,जाल सितारा
कभी तो पूछो हाल हमारा........

लहराते गेसू तुम्हारे,
तुम जो आये पास हमारे
गुंजित कर,मन-उपवन को,
महकाया संसार ये सारा
कभी तो पूछो हाल हमारा..........!

3 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत प्रेम मयी रचना ...

संजय भास्कर said...

आपका ब्लॉग पसंद आया....इस उम्मीद में की आगे भी ऐसे ही रचनाये पड़ने को मिलेंगी......आपको फॉलो कर रहा हूँ |

कभी फुर्सत मिले तो नाचीज़ की दहलीज़ पर भी आयें-
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

संजय भास्कर said...

सार्थक और बेहद खूबसूरत,प्रभावी,उम्दा रचना है..शुभकामनाएं।