Pages

Monday, September 5, 2011

शिक्षक दिवस पर !

आज फिर पूजा गया मैं !
पांचवे सितम्बर को 
याद आ ही गयी मेरी ,
उन्हें , जो मेरी  सेवाओं के
प्रतिफल थे !
जिन्हें बनाने से पहले 
बनना चाहा था मैं.
सच का वो बीज,
जिसे अंकुरित होने में 
पूरे छब्बीस वर्ष  लगे थे!
जिसके पीछे एक ,
सुरक्षित आस थी !
और शुरुआत भी, जिसकी 
तफसील से  गुमराह थी !
कोई 'राधा कृष्णन' नहीं थे,
 जिसके पीछे !
पर, इस पूजा ने,
 इस सम्मान ने,
एक राह तो बनाई है ,
एक उम्मीद तो जगाई है.
एक संकल्प तो दिया है.
तुम्हारे लिए ही जलूँगा .
और कुम्हार भी बनूँगा 
तुम्हारी आशाएं गढ़ूंगा .
संकल्प आज लेता हूँ !
मेरे प्यारों .
भविष्य रोशन होगा तुम्हारा !
भविष्य रोशन होगा तुम्हारा !




4 comments:

संजय भास्कर said...

शानदार प्रस्तुति
...शिक्षक दिवस की शुभकामनायें|

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

रूप जी!
एक अलग प्रस्तुति!! धन्यवाद!!

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

बहुत ही सुंदर ...शुभकामनायें

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सुन्दर संकल्प ... अच्छी प्रस्तुति