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Saturday, January 29, 2011

ये कहकहे साथ छोड़ जायेंगे 
गम को साथी बना लो तो अच्छा.
कब तक राह तकोगे रंगीनियों के
दिल को अपने, मना लो तो अच्छा !
चलो, यह भी माना - बदल दोगे रुख हवाओं का 
लहरों के साथ निकल जाओ तो अच्छा .
रूप, साथ छोड़ जायेंगे  ये साथी मतलब के 
गैरों के साथ निभा लो  तो अच्छा !

5 comments:

Kailash C Sharma said...

ये कहकहे साथ छोड़ जायेंगे
गम को साथी बना लो तो अच्छा..

यह सही है कि खुशियाँ सदैव साथ नहीं रहतीं,पर इस का मतलब यह नहीं की गम को सदैव के लिए अपना लिया जाए..खुशी और गम तो एक चक्र है जो आते जाते रहते हैं..सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति..

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

लोग कहकहों में ही साथ देते हैं ..खूबसूरत अभिव्यक्ति

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

बहुत सुंदर ...दुःख में कौन साथ देता है.....बेहतरीन

संजय भास्कर said...

खूबसूरत अभिव्यक्ति

संजय भास्कर said...

बहुत ही सुंदर .... एक एक पंक्तियों ने मन को छू लिया ...